Thursday, September 18, 2025

Class 12th Geography Chapter 7 Book-1 imp QA

 






Class-12 geography

Chapter- 7 (परिवहन एवं संचार)

 


 

 

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न:

निम्न में स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए:

प्रश्न 1. 

स्तम्भ अ (महामाग)

स्तम्भ ब (देश/महाद्वीप) 

(i) ट्रांस - कनाडियन महामार्ग 

(अ) रूस 

(ii) मास्को - ब्लाडीवोस्टक महामार्ग 

(ब) अफ्रीका 

(iii) चेगडू- ल्हासा महामार्ग 

(स) भारत 

(iv) कैरो- केपटाउन महामाग

(द) चीन 

(v) वाराणसी-कन्याकुमारी महामार्ग 

(य) उत्तरी-अमेरिक

 

उत्तर:

स्तम्भ अ (महामाग)

स्तम्भ ब (देश/महाद्वीप) 

(i) ट्रांस - कनाडियन महामार्ग 

(य) उत्तरी-अमेरिका

(ii) मास्को - ब्लाडीवोस्टक महामार्ग 

(अ) रूस

(iii) चेगडू- ल्हासा महामार्ग 

(द) चीन

(iv) कैरो- केपटाउन महामाग

(स) भारत

(v) वाराणसी-कन्याकुमारी महामार्ग 

(ब) अफ्रीका



रिक्त स्थान पूर्ति सम्बन्धी प्रश्न:

निम्न वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

 

प्रश्न 1. विशाल उत्पादन और ............. की प्रणाली अत्यंत ............. है।                
उत्तर: विनिमय, जटिल, 

प्रश्न 2. सड़कें व रेलमार्ग ............ परिवहन का भाग है।       
उत्तर:  स्थलीय,

प्रश्न 3. छोटी दूरियों के लिए ............ परिवहन ............ परिवहन की अपेक्षा आर्थिक दृष्टि से अधिक लाभदायक होता है।               
उत्तर: सड़क, रेल, 

प्रश्न 4. महामार्ग .......... स्थानों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें होती हैं।   
उत्तर: दूरस्थ, 

प्रश्न 5. वायु परिवहन, परिवहन का ......... साधन है।           
उत्तर: तीव्रतम।

 

 

 

सत्य - असत्य कथन सम्बन्धी प्रश्न:

निम्न में से सत्य - असत्य कथनों की पहचान कीजिए:

 

प्रश्न 1. परिवहन योजक और वाहक उपलब्ध कराता है।       
उत्तर:सत्य

प्रश्न 2. एशिया में विश्व का सघनतम रेल तंत्र मिलता है।       
उत्तर:असत्य

प्रश्न 3. जल परिवहन की ऊर्जा लागत की अपेक्षाकृत कम होती हैं।        
उत्तर:सत्य

प्रश्न 4. स्वेज नहर पनामा में है।        
उत्तर:असत्य

प्रश्न 5. राइन नदी जर्मनी और नीदरलैण्ड से होकर प्रवाहित होती है।         
उत्तर:सत्य 
 

 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न:

 

प्रश्न 1.       परिवहन से क्या आशय है?       
उत्तर:
व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहन करने की सेवा या सुविधा को परिवहन कहा जाता है। 

 

प्रश्न 2.       परिवहन जाल क्या होता है?      
उत्तर:
अनेक स्थान जिन्हें परस्पर मार्गों की श्रेणियों द्वारा जोड़ दिए जाने पर जो प्रारूप बनता है उसे परिवहन जाल कहा जाता है। 

 

प्रश्न 3.       परिवहन के प्रमुख साधन कौन - कौन से होते हैं?        
अथवा 
विश्व परिवहन की विधाएँ कौन - कौन सी हैं?    
उत्तर:

1.          स्थल परिवहन 

2.          जल परिवहन 

3.          वायु परिवहन 

4.          पाइपलाइन परिवहन। 

 

प्रश्न 4.       परिवहन की किसी विधा की सार्थकता किस पर निर्भर करती है               
उत्तर:
परिवहन की किसी विधा की सार्थकता परिवहितं की जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रकार, परिवहन की लागतों एवं उपलब्ध दशा पर निर्भर करती है।

 

प्रश्न 5.       नगरीय क्षेत्र में सड़क तंत्र पर यातायात संकुलता की समस्या के कारण बताइए।            
उत्तर:

1.           वाहनों की संख्या में तीव्र वृद्धि 

2.          पार्किंग की व्यवस्था न होना 

3.          यातायात के शीर्ष बिन्दु की स्थिति 

4.          छोटी व कम चौड़ी सड़कें।

प्रश्न  6. किसी भी देश के आन्तरिक भागों में स्थूल पदार्थों के विशाल परिमाण को लम्बी दूरियों तक परिवहन करने हेतु सर्वाधिक अनुकूल साधन कौन - सा है?        
उत्तर:
रेल परिवहन।

 

प्रश्न 7.       उच्च मूल्य वाली हल्की व नाशवान वस्तुओं के परिवहन के लिए कौन - सा परिवहन साधन सर्वश्रेष्ठ होता है?                
उत्तर:
वायु परिवहन। 

 

प्रश्न 8.       परिवहन के क्षेत्र में क्रांति का सूत्रपात कब हुआ?        
उत्तर:
परिवहन के क्षेत्र में क्रांति का सूत्रपात अठारहवीं शताब्दी में भाप के इंजन के आविष्कार के पश्चात् हुआ। 

 

प्रश्न 9.       पाइप लाइनों द्वारा किन पदार्थों का परिवहन किया जाता है?       
उत्तर:
पाइप लाइनों द्वारा प्राकृतिक गैस के अलावा तरल पदार्थों: जैसे - पेट्रोलियम, जल, अवमल तथा नाली मल का परिवहन किया जाता है।

 

प्रश्न 10. सम्भवतः विश्व में सर्वप्रथम सार्वजनिक रेलमार्ग कब व किन स्थानों के मध्य प्रारम्भ हुआ?
उत्तर:
संभवतः विश्व में सर्वप्रथम सार्वजनिक रेलमार्ग 1825 ई. में उत्तरी इंग्लैण्ड के स्टॉकटन एवं डार्लिंग्टन के मध्य प्रारम्भ हुआ।

 

प्रश्न 11. रज्जु मार्ग तथा तार गाड़ियाँ जैसे परिवहन के साधन कहाँ पाये जाते हैं?            
उत्तर:
रज्जु मार्ग तथा तार गाड़ियाँ जैसे परिवहन के साधन प्रायः तीव्र ढाल वाले पर्वतीय क्षेत्रों एवं स्थानों में पाये जाते हैं, जहाँ सड़क निर्माण सम्भव नहीं होता है।

 

प्रश्न 12.      विश्व के किन भागों में आज भी मानवीय श्रम का उपयोग स्थल परिवहन हेतु किया जाता है?
उत्तर:
भारत तथा चीन के सघन बसे क्षेत्रों में आज भी मानव कुलियों तथा मानव द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों का प्रयोग स्थल परिवहन हेतु किया जाता है।

 

प्रश्न 13. कुत्ते एवं रेडियरों का प्रयोग परिवहन के साधन के रूप में कहाँ व क्यों किया जाता है?       
उत्तर:
उत्तरी अमेरिका, उत्तरी यूरोप एवं साइबेरिया के हिमाच्छादित भागों में स्लेज को खींचने के लिए।         

 

प्रश्न 14.      हिमाच्छादित मैदानों में स्लेज खींचने वाले दो पशुओं के नाम लिखिए।      
उत्तर:

1.          रेडियर 

2.          कुत्ते। 

 

प्रश्न 15. हिमाच्छादित क्षेत्रों में परिवहन हेतु किन पशुओं का प्रयोग किया जाता है?         
उत्तर:
हिमाच्छादित क्षेत्रों में मुख्यतः रेडियर, कुत्ते एवं याक नामक पशुओं का प्रयोग किया जाता है। 

 

प्रश्न 16. पाइप लाइन द्वारा कहाँ तेल आपूर्ति होती है?  
उत्तर:
पाइप लाइन से तेल की आपूर्ति मैक्सिको की खाड़ी में उत्तरी - पूर्वी राज्यों तक होती है। 

 

प्रश्न 17. छोटी दूरियों के लिए रेल परिवहन की अपेक्षा आर्थिक दृष्टि से कौन - सा साधन लाभदायक रहता है? 
उत्तर:
सड़क परिवहन। 

 

प्रश्न 18. सड़क घनत्व किसे कहते हैं?          
उत्तर:
किसी क्षेत्र के अन्दर प्रति 100 वर्ग किलोमीटर में पायी जाने वाली सड़कों के जाल को सड़क घनत्व कहते हैं। 

 

प्रश्न 19.     विश्व में सर्वाधिक सड़क घनत्व तथा सर्वाधिक  वाहन किस महाद्वीप में हैं?  
उत्तर:
उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप में। 

 

प्रश्न 20. सड़कों पर संकुलन क्यों बढ़ जाता है?           
उत्तर:
जब सड़क तंत्र यातायात की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित नहीं हो पाते हैं तो सड़कों पर संकुलन बढ़ जाता है। 

 

प्रश्न 21. नगरों में सड़कों पर यातायात शीर्ष बिंदु पर कब होता है?                
उत्तर:
कार्यालय के समय के पहले एवं पश्चात्। 

 

प्रश्न 22. विश्व के अधिकांश नगर सड़क यातायात की किस समस्या का सामना कर रहे हैं?            
उत्तर:
विश्व के अधिकांश नगर सड़कों पर पाई जाने वाली यातायात संकुलता की समस्या का सामना कर रहे हैं। 

 

प्रश्न 23. राष्ट्रीय महामार्ग किसे कहते हैं?    
उत्तर:
वे प्रमुख सड़कें, जिनको केन्द्र सरकार द्वारा संचालित एवं अनुरक्षित किया जाता है। राष्ट्रीय महामार्ग कहते हैं। 

 

प्रश्न 24. महामार्ग क्या होते हैं?   
उत्तर:
महामार्ग दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें होती हैं जिनका निर्माण इस प्रकार किया जाता है कि निर्बाध रूप से यातायात का आवागमन हो सके।

 

प्रश्न 25. ट्रांस - कनाडियन महामार्ग किन नगरों को जोड़ता है?     
उत्तर:
ट्रांस - कनाडियन महामार्ग कनाडा के पश्चिमी तट पर स्थित ब्रिटिश कोलंबिया प्रान्त के बैंकूवर नगर को पूर्वी तट पर स्थित न्यूफाउण्डलैण्ड प्रान्त के सेंटजॉन नगर से जोड़ता है। 

 

 

प्रश्न 26. चीन द्वारा तिब्बत क्षेत्र में निर्मित किए गए महामार्ग का नाम लिखिए।               
उत्तर:
चेगडू - ल्हासा महामार्ग चीन द्वारा तिब्बत क्षेत्र में निर्मित किया गया है। 

 

प्रश्न 27. भारत के सर्वाधिक लम्बाई वाले राष्ट्रीय महामार्ग का नाम लिखिए।              
उत्तर: राष्ट्रीय महामार्ग संख्या - 7, वाराणसी से कन्याकुमारी तक।

 

प्रश्न 28. भारत में निर्माणाधीन स्वर्णिम चतुर्भुज दुत मार्गों के द्वारा कौन-कौन से शहरों को आपस में जोड़ने की योजना है?               
उत्तर:
नई दिल्ली: मुम्बई - बेंगलूरु - चेन्नई - कलकत्ता व हैदराबाद को। 

 

प्रश्न 29. सीमावर्ती सड़कें क्या होती हैं?      
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं के सहारे निर्मित की गयी सड़कों को सीमावर्ती सड़कें कहा जाता है। ये सड़कें सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रमुख नगरों से जोड़ने तथा प्रतिरक्षा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं।

 

प्रश्न 30. रेल लाइनों की चौड़ाई के अनुसार रेल लाइनों को वर्गीकृत कीजिए।               
उत्तर:
रेल लाइनों की चौड़ाई (गेज) के आधार पर रेल लाइनों के निम्नलिखित चार वर्ग हैं:

1.          बड़ी लाइन (1.5 मीटर से अधिक) 

2.          मानक लाइन (1.44 मीटर) 

3.          मीटर लाइन (1.0 मीटर) 

4.          छोटी लाइन (1.0 मीटर से कम)।

 

प्रश्न 31. दक्षिणी अमेरिका में रेलमार्ग के दो सघन प्रदेशों के नाम बताइए।    
उत्तर:

1.          अर्जेंटाइना का पंपास क्षेत्र 

2.          ब्राजील का कॉफी उत्पादक प्रदेश। 

 

प्रश्न 32. एशिया के किन - किन देशों में रेलमार्गों का सघनतम घनत्व पाया जाता है?      
उत्तर:
जापान, चीन एवं भारत में रेलमार्गों का सघनतम घनत्व पाया जाता है।

 

प्रश्न 33. उस रेलमार्ग को किस नाम से जाना जाता है जो किसी महाद्वीप में से गुजरता है एवं उसके दो किनारों को जोड़ता है?          
उत्तर:
पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग।

 

प्रश्न 34. विश्व का सबसे अधिक लम्बा रेलमार्ग कौन - सा है     
अथवा 
एशिया का सबसे महत्त्वपूर्ण रेलमार्ग कौन - सा है?            
उत्तर:
पार - साइबेरियन रेलमार्ग। 

 

प्रश्न 35. पार - साइबेरियन रेलमार्ग की लम्बाई कितनी है?          
उत्तर:
9322 किमी.। 

 

प्रश्न 36. पार साइबेरियन रेलमार्ग की एक विशेषता बताइए।        
उत्तर:
पार साइबेरियन रेलमार्ग दोहरे पथ से युक्त विद्युतीकृत पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग है। 

 

प्रश्न 37. पार साइबेरियन रेलमार्ग किन - किन प्रमुख शहरों से गुजरता है    
उत्तर:
सेंट पीटर्सबर्ग, मास्को, कजान, ट्यूमिन, नोवोसिबिस्र्क, चिता और खबरोवस्क, ब्लाडीवोस्टक आदि। 

 

प्रश्न 38. विश्व (रूस) के सबसे लम्बे रेलमार्ग के अन्तिम सिरों के स्टेशनों के नाम लिखिए।             
उत्तर:
पार साइबेरियन रेलमार्ग विश्व का सबसे लम्बा रेलमार्ग है जिसका पूर्वी स्टेशन ब्लाड़ीवोस्टक एवं पश्चिमी स्टेशन सेंट पिट्सबर्ग नगर है। 

 

प्रश्न 39. कनाडियन रेलमार्ग कहाँ से कहाँ तक जाता है?               
उत्तर:
कनाडा के पूर्व में हैलिफेक्स नगर से पश्चिम में प्रशान्त तट पर स्थित वैंकूवर नगर तकी

 

प्रश्न 40. किन्हीं चार पार-महाद्वीपीय रेलमार्गों के नाम लिखिए।    
उत्तर:

1.          पार - साइबेरियन रेलमार्ग 

2.          पार - कैनेडियन रेलमार्ग 

3.          ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग 

4.          आस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग।

 

प्रश्न 41.      ऑस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग के अन्तिम सिरे के स्टेशनों के नाम बताइए।        
उत्तर:
पूर्व में सिडनी एवं पश्चिम में पर्थ शहर।

 

प्रश्न 42.      परिवहन का कौन - सा साधन भारी वस्तुओं को महाद्वीपों के मध्य लम्बी दूरी तक कम लागत पर ढोने के लिए उपयुक्त है?             
उत्तर:
जल परिवहन।

 

प्रश्न 43. जल परिवहन को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?    
उत्तर:

1.          समुद्री मार्ग 

2.          आन्तरिक जल मार्ग। 

 

प्रश्न 44. उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग को वृहद् ट्रंक मार्ग क्यों कहा जाता है?               
उत्तर:
उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग द्वारा विश्व का एक-चौथाई विदेशी व्यापार होता है। इसी कारण यह विश्व का व्यस्ततम व्यापारिक जलमार्ग होने के कारण वृहद् ट्रंक मार्ग कहलाता है। 

 

प्रश्न 45. विश्व का व्यस्ततम व्यापारिक जल मार्ग कौन - साहै ?    
उत्तर:
उत्तरी अटलांटिक जल मार्ग। 

 

प्रश्न 46. विश्व के किन्हीं दो समुद्री मार्गों के नाम लिखिए।            
उत्तर:

1.          उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग 

2.          भूमध्य सागर-हिंद महासागरीय समुद्री मार्ग। 

 

प्रश्न 47. होनोलूलू किस सागरीय मार्ग का महत्त्वपूर्ण पत्तन है?      
उत्तर:
होनोलूलू दक्षिणी प्रशान्त सागरीय मार्ग का महत्त्वपूर्ण पत्तन है। 

 

प्रश्न 48. पनामा नहर कहाँ से कहाँ तक जाती है?          
उत्तर:
पनामा नहर पनामा नगर (प्रशान्त महासागर के तट पर स्थित). से कोलोन (अटलांरिक महासागर के तट पर स्थित) नगर तक जाती है।

 

प्रश्न 49. स्वेज नहर का निर्माण कब और क्यों किया गया?          
उत्तर:
स्वेज नहर का निर्माण सन् 1869 में मिस्र के उत्तर में पोर्ट सईद एवं दक्षिण में पोर्ट स्वेज के मध्य भूमध्य सागर तथा लाल सागर को जोड़ने के लिए किया गया।

 

प्रश्न 50. किस जलमार्ग ने भारत एवं यूरोप के मध्य दूरी अत्यधिक कम कर दी है?         
उत्तर:
स्वेज नहर जलमार्ग ने। 

 

प्रश्न 51. किस देश में मोटर मार्गों को आटो  वाहन कहते हैं?        
उत्तर:
जर्मनी में। 

 

प्रश्न 52. किन्हीं दो आंतरिक जलमार्गों के नाम बताइए।               
उत्तर:

1.          राइन जलमार्ग 

2.          डेन्यूब जलमार्ग। 

 

प्रश्न 53. जर्मनी के सबसे महत्त्वपूर्ण आन्तरिक जलमार्ग का नाम बताइए।     
उत्तर:
जर्मनी का सबसे महत्त्वपूर्ण आन्तरिक जलमार्ग राइन है। 

 

प्रश्न 54. राइन नदी कहाँ से कहाँ तक नौकायन योग्य है?              
उत्तर:
राइन नदी नीदरलैण्ड में रोटरडम में अपने मुहाने से लेकर स्विट्जरलैण्ड में बेसल तक 700 किमी. लंबाई में नौकायान योग्य है।

 

प्रश्न 55.      वोल्गा जलमार्ग किस देश में स्थित है? इसकी लम्बाई लिखिए। 
उत्तर:
वोल्गा जलमार्ग रूस में स्थित है। इसकी लम्बाई 11200 किमी. है। 

 

प्रश्न 56.      उत्तरी अमेरिका की कौन-सी वृहद् झीलें आंतरिक जलमार्ग की सुविधा प्रदान करती हैं?             
उत्तर:
सुपीरियर, यूरन, इरी तथा ओटांरियो नामक वृहद् झीलें सू तथा वलैण्ड नहर के द्वारा जुड़ी हैं तथा आंतरिक जलमार्ग की सुविधा प्रदान करती हैं। 

 

प्रश्न 57. परिवहन का तीव्रतम साधन कौन - सा है?     
उत्तर:
वायु परिवहन।

 

प्रश्न 58. पाइप लाइन का उपयोग पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैःगी सामग्रियों का परिवहन करने के लिये क्यों होता है?             
उत्तर:
क्योंकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस प्रवाहशील हैं तथा आसानी से पाइप लाइनों में बहकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक चले जाते हैं।

 

प्रश्न 59. 'बिंग इंच' क्या है?        
उत्तर:
'बिग इंच' एक प्रसिद्ध पाइप लाइन है जो मैक्सिको की खाड़ी में स्थित तेल कुओं से उत्तरी-पूर्वी राज्यों तक तेल ले जाती है।

 

प्रश्न 60. विश्व में सबसे लम्बी प्रस्तावित पाइप लाइन कौन - सी है?               
उत्तर:
प्रस्तावित ईरान: भारत वाया पाकिस्तान अन्तर्राष्ट्रीय तेल और प्राकृतिक गैस पाइप लाइन। 

 

प्रश्न 61      इंटरनेट क्या है?      
उत्तर:
भेजने वाले एवं प्राप्त करने वाले के शारीरिक संचलन के बिना कम्प्यूटर पर सूचनाओं के प्रेषण एवं प्राप्ति की विद्युत अंकीय दुनिया को इंटरनेट कहा जाता है।


 

 

 

लघु उत्तरीय प्रश्न (SA):

 

प्रश्न 1.       'परिवहन एक संगठित सेवा उद्योग है।" कथन की व्याख्या कीजिए।             
उत्तर:
परिवहन समाज की आधारभूत आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए रचा गया एक संगठित सेवा उद्योग है। इसके अन्तर्गत परिवहन मार्गों, लोगों एवं वस्तुओं के वहन हेतु गाड़ियों, मार्गों के रख-रखाव और माल के लदान, उतरान एवं वितरण तथा निपटान करने के लिए संस्थाओं का समावेश किया जाता है। प्रत्येक देश ने प्रतिरक्षा उद्देश्यों के लिए विभिन्न प्रकार के परिवहन का विकास किया है। दक्ष 
 संचार व्यवस्था से युक्त तीव्रगामी परिवहन देशभर में बिखरे हुए लोगों के मध्य सहयोग एवं एकता की स्थापना करता है। 

 

प्रश्न 2. परिवहन की विधाओं का संक्षेप में विवरण दीजिए।          
अथवा 
परिवहन के कौन - कौन से साधन हैं?               
उत्तर:
परिवहन की चार विधाएँ (साधन) हैं, जो निम्नलिखित हैं

1.          स्थल 

2.          जल 

3.          वायु 

4.          पाइपलाइन। 

(i) स्थल परिवहन-स्थल परिवहन में मुख्यतः निम्न को शामिल किया जाता है          
(अ) सड़क परिवहन कम दूरी एवं एक स्थान से दूसरे स्थान तक सेवाएं प्रदान करने में सड़क परिवहन सस्ता एवं तीव्रगामी साधन है।          
(ब) रेल परिवहन किसी देश के भीतर स्थूल पदार्थों की विशाल मात्रा को लम्बी दूरियों तक परिवहन करने के लिए रेल सर्वाधिक अनुकूल साधन है।।

(ii) जल परिवहन: यह साधन भारी वस्तुओं को महाद्वीपों के मध्य लम्बी दूरी तक कम लागत पर ढोने के लिए उपयुक्त है।

(iii) वायु परिवहन उच्च मूल्य वाली, हल्की एवं नाशवान वस्तुओं का वायुमार्गों द्वारा परिवहन सर्वश्रेष्ठ होता है।

(iv) पाइप लाइन: जल, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस जैसे तरल पदार्थों के परिवहन के लिए पाइप लाइन परिवहन सर्वोत्तम होता है।

 

प्रश्न 3.  विश्व में बोझा ढोने वाले पशुओं का संक्षेप में विवरण दीजिए।          
उत्तर:
विश्व के विभिन्न भागों में आज भी बोझा ढोने के लिए पशुओं का उपयोग परिवहन के साधनों के.रूप में किया जाता है। पश्चिमी देशों में घोड़ों का प्रयोग भारवाहक पशुओं के रूप में किया जाता है। उत्तरी अमेरिका, उत्तरी यूरोप तथा साइबेरिया के हिमाच्छादित मैदानों में स्लेज नामक गाड़ी खींचने के लिए कुत्तों तथा रेडियरों का प्रयोग किया जाता है। विश्व के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में माल ढोने के लिए खच्चरों का तथा गर्म मरुस्थलीय क्षेत्रों में माल ढोने के लिए ऊँटों का प्रयोग किया जाता है। भारत में छकड़ों को खींचने के लिए बैलों का प्रयोग किया जाता है। 

 

प्रश्न 4.  परिवहन क्रान्ति पर एक टिप्पणी लिखिए।       
अथवा 
विश्व में स्थल परिवहन के विकास का विवरण दीजिए।      
उत्तर:
स्थलीय परिवहन के क्षेत्र में क्रान्ति का सूत्रपात 18वीं शताब्दी में भाप के इंजन के आविष्कार के बाद हुआ। प्रथम सार्वजनिक रेलमार्ग का निर्माण सन् 1825 में उत्तरी इंग्लैण्ड के स्टॉकटन व डार्लिंग्टन नामक स्थानों के मध्य प्रारम्भ हुआ। 19वीं शताब्दी में यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका के अन्दर रेलमार्ग परिवहन का तीव्रतम तथा सर्वाधिक लोकप्रिय साधन बन गया। अन्तर्दहन इंजन की खोज ने सड़कों की गुणवत्ता तथा सड़क 
 वाहनों के संदर्भ में सड़क परिवहन में क्रान्ति ला दी। स्थल परिवहन का नवीनतम विकास पाइप लाइनों, राजमार्गों एवं तार मार्गों के रूप में देखा जा सकता है।

 

प्रश्न 5.  सड़क परिवहन मार्गों के विश्व वितरण का संक्षेप में विवरण दीजिए। 
उत्तर:
सड़क परिवहन मार्गों का प्रादेशिक, राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय तथा महाद्वीपीय स्तर पर असमान वितरण देखने को मिलता है। विकसित देशों की तुलना में विकासशील राष्ट्रों में सड़कों की गुणवत्ता निम्नस्तरीय होती है। विश्व में कुल मोटर वाहन संचालन योग्य सड़कों की लम्बाई लगभग 150 लाख किमी. है, जिसका 33 प्रतिशत भाग अकेले उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप में मिलता है। विश्व का सर्वाधिक सड़क घनत्व तथा सबसे अधिक सड़क वाहनों की संख्या उत्तरी अमेरिका तथा पश्चिमी यूरोप में मिलती है जबकि अफ्रीका, दक्षिणी-पश्चिमी एशिया तथा दक्षिणी अमेरिका इस दृष्टि से विश्व के पिछड़े क्षेत्रों में सम्मिलित हैं।

 

प्रश्न 6.  सड़क परिवहन सुविधाजनक क्यों होता है?     
उत्तर:
वर्तमान समय में सड़कें स्थल परिवहन का मुख्य साधन हैं। कम दूरी एवं एक घर से दूसरे घर तक सेवाएँ प्रदान करने में सड़क परिवहन सस्ता एवं तीव्रगति का साधन है। सड़कें किसी भी देश के व्यापार एवं वाणिज्य को विकसित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पर्वतीय एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में भी सड़क परिवहन का 'एक सुविधाजनक साधन होता है।

 

प्रश्न 7.  महामार्ग क्या होते हैं? इनकी प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।  
उत्तर:
महामार्ग दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें महामार्ग कहलाती हैं।    
विशेषताएँ:

1.          महामार्गों का निर्माण इस प्रकार से किया जाता है कि निर्बाध रूप से यातायात का आवागमन हो सके। 

2.          यातायात के अबाधित प्रवाह की सुविधा के लिए इसके अन्तर्गत अलग-अलग यातायात पथ बनाए जाते हैं। 

3.          महामार्ग पुलों, फ्लाईओवरों एवं दोहरे  वाहन मार्गों से युक्त होते हैं। 

4.          महामार्ग 80 मीटर चौड़ी सड़कें होती हैं। 

5.          विकसित देशों में महामार्ग प्रत्येक नगर एवं पत्तन नगर से जुड़े होते हैं। 

 

प्रश्न 8.  उत्तरी अमेरिका के महामार्गों की विशेषताएँ बताइए।        
उत्तर:
उत्तरी अमेरिका के महामार्गों की प्रमुख विशेषताएँ:

1.          उत्तरी अमेरिका में महामार्गों का घनत्व उच्च है जो लगभग 0.65 किमी. प्रतिवर्ग किमी. है। 

2.          प्रत्येक स्थान महामार्गों से 20 किमी. की दूरी पर स्थित है।

3.          पश्चिमी प्रशांत महासागरीय तट पर स्थित नगर पूर्व में अटलांटिक महासागरीय तट पर स्थित नगरों से भली प्रकार जुड़े हुए हैं।

4.          उत्तर में कनाडा के नगर दक्षिण में मैक्सिको के नगरों से जुड़े हुए हैं। 

5.          ट्रांस - कनाडियन महामार्ग, अलास्का राजमार्ग एवं पान-अमेरिका महामार्ग प्रमुख महामार्ग हैं। 

 

प्रश्न 9.  सीमावर्ती सड़कें क्या हैं? इनके क्या कार्य हैं 
उत्तर:
सीमावर्ती सड़कें अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं के सहारे बनाई गई सड़कों को सीमावर्ती सड़कें कहा जाता है।
कार्य: सीमावर्ती सड़कें सुदूर क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को प्रमुख नगरों से जोड़ने एवं प्रतिरक्षा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती हैं। प्रायः सभी देशों में सैन्य शिविरों तक वस्तुओं को पहुँचाने के लिए ऐसी सड़कें बनायी जाती हैं।

 

प्रश्न 10. पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग क्या होता है? प्रमुख पाच रेलमार्गों के नाम लिखिए।    
उत्तर:
पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग ऐसे रेलमार्गों को कहा जाता है जो पूरे महाद्वीप से गुजरते हुए महाद्वीप के दोनों किनारों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। इन रेलमार्गों का निर्माण ऑर्थिक तथा राजनीतिक कारणों से विभिन्न दिशाओं में लम्बी दूरी की यात्राओं की सुविधा प्रदान करने के लिए किया जाता है।     
प्रमुख पाँच रेलमार्ग:

1.          पार - साइबेरियन रेलमार्ग 

2.          पार - कैनेडियन रेलमार्ग

3.          आस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग 

4.          संघ और प्रशांत रेलमार्ग

 

प्रश्न 11. पार - साइबेरियन रेलमार्ग के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
रूस का यह रेलमार्ग विश्व का सबसे लम्बा (9322 किमी.) दोहरा विद्युतीकृत रेलमार्ग है। यह पश्चिम में सेंट पिट्सबर्ग से पूर्व में प्रशांत महासागरीय तट पर स्थित ब्लाडीवोस्टक तक जाता है। यह रेलमार्ग एशियाई क्षेत्रों को पश्चिमी बाजारों से जोड़ता है। इस रेलमार्ग द्वारा पूर्वी क्षेत्र को मशीनरी एवं लोहा भेजा जाता है। साइबेरिया से पश्चिम की ओर अनाज, लकड़ी एवं कोयला भेजा जाता है। इस रेलमार्ग के प्रमुख स्टेशन मॉस्को, कजान, ट्यूमिन, नोवोसिविर्क, चिता और खबरोवस्क आदि हैं।

 

 

प्रश्न 12. ऑस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग का संक्षेप में विवरण दीजिए। 
उत्तर:
ऑस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग पश्चिमी तट पर पर्थ से प्रारम्भ होकर कलगुर्ली, ब्रोकन हिल एवं पोर्ट ऑगस्ता से होकर पूर्वी तट पर स्थित सिडनी को मिलाते हुए महाद्वीप के दक्षिणी भाग के आर-पार पश्चिम से पूर्व को जाता है। एक अन्य रेलमार्ग एडीलेड एवं एलिस स्प्रिंग को जोड़ता है जिसे आगे डार्विन एवं बिरदुम लाइन से जोड़ा जाता है। 

 

प्रश्न 13. ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग के बारे में आप क्या जानते हैं?               
उत्तर:
ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग पेरिस से स्ट्रैस्बर्ग, म्युनिख, विएना, बुडापेस्ट एवं बेलग्रेड होता हुआ इस्तांबूल तक जाता है। इस एक्सप्रेस रेलमार्ग के निर्मित होने से लंदन से इस्तांबूल तक समुद्री यात्रा में लगने वाला 10 दिनों का समय घटकर मात्र 96 घंटे ही रह गया है। इस रेलमार्ग द्वारा पनीर, जई, शराब, फल, मशीनरी एवं सुअर के मांस आदि का निर्यात होता है।

 

प्रश्न 14.     यूरोप के रेल परिवहन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।           
उत्तर:
यूरोप के रेल परिवहन की निम्न विशेषताएँ हैं:

1.          यूरोप के रेलमार्ग आधुनिक तकनीक से निर्मित हैं। 

2.          रेलमार्ग दोहरे मार्गों व विद्युत संचालित स्वरूप को दर्शाते हैं। 

3.          यूरोपियन रेलमार्गों में भूमिगत रेलमार्ग भी दृष्टिगत होते हैं। 

4.          रेलमार्ग मुख्यतः औद्योगिक स्थानों से संलग्न मिलते हैं। 

5.          यूरोपियन रेलमार्ग मुख्य शहरों को संयोजित करते हैं।

 

प्रश्न 15. पाइप लाइन परिवहन के लाभ/महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।  
उत्तर:

1.          यह तरल पदार्थों के परिवहन हेतु उपयोगी है। 

2.          इस परिवहन माध्यम से तरल पदार्थों को अधिक सुरक्षित तरीके से अन्यत्र भेजा जा सकता है। 

3.          इसमें ईंधन या ऊर्जा शक्ति की बचत होती है। 

4.          यह एक कम खर्च वाला परिवहन साधन है। 

 

 

प्रश्न 16. जल परिवहन के प्रमुख लाभों का उल्लेख कीजिए।       
उत्तर:
जल परिवहन के प्रमुख लाभ निम्नवत् हैं:

1.          जल परिवहन के लिए मार्गों का निर्माण नहीं करना पड़ता है इसी कारण जल मार्गों के निर्माण एवं रखरखाव पर किसी प्रकार का कोई व्यय नहीं करना पड़ता।

2.          जल परिवहन अन्य परिवहनों की तुलना में सस्ता होता है। क्योंकि जल का घर्षण स्थल की अपेक्षा बहुत कम होता है।

3.          जल परिवहन की ऊर्जा लागत अन्य परिवहनों की तुलना में कम होती है। 

4.          जल परिवहन में छोटे आकार से लेकर बहुत बड़े आकार के जलयानों का संचालन किया जा सकता है। 

 

प्रश्न 17. विश्व का सबसे व्यस्ततम समुद्री मार्ग कौन - सा है? इस जलमार्ग की चार विशेषताएँ बताइएं।           
उत्तर:
उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग विश्व का सबसे व्यस्ततम समुद्री मार्ग है।         
विशेषताएँ:

1.          यह जलमार्ग औद्योगिक दृष्टि से विकसित विश्व के दो प्रदेशों - उत्तरी - पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका एवं पश्चिमी यूरोप को मिलाता है। 

2.          इस जलमार्ग द्वारा विश्व का एक चौथाई विदेशी व्यापार होता है। 

3.          यह विश्व का व्यस्ततम व्यापारिक जलमार्ग है। 

4.          इस जलमार्ग के दोनों किनारों पर पत्तनों एवं पोताश्रयों की उन्नत स्थिति उपलब्ध है।

 

प्रश्न 18.  तटीय नौ परिवहन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।             
उत्तर:
तटीय नौ परिवहन लम्बी तटरेखा रखने वाले विश्व के सभी देशों के लिए यातायात का एक सुगम व सस्ता साधन है। यदि तटवर्ती नौ परिवहन का भली-भाँति विकास किया जाए तो इसके द्वारा स्थल मार्गों पर होने वाली भीड़ को कम किया जा सकता है। विश्व के जिन देशों में तटीय नौ परिवहन का विकास हुआ है उनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन तथा भारत सम्मिलित हैं। इसके अलावा यूरोप के शेनगेन देशों की तटीय स्थिति नौ परिवहन की दृष्टि से उपयुक्त है क्योंकि यूरोप व शेनगेन देशों में सम्मिलित एक देश का तट दूसरे देश के तट से मिला हुआ है। 

 

प्रश्न 19. स्वेज नहर की कोई चार विशेषताएँ बताइए।   
उत्तर:
स्वेज नहर का निर्माण 1869 ई. में मिस्र के उत्तर में पोर्ट सईद एवं दक्षिण में स्थित पोर्ट स्वेज के मध्य भूमध्य सागर तथा लाल सागर को जोड़ने हेतु किया गया है। इस नहर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

1.          यह नहर यूरोप को हिन्द महासागर में एक नवीन प्रवेश मार्ग प्रदान करती है। 

2.          यह नहर लगभग 160 किमी. लम्बी व 11 से 15 मीटर गहरी है। 

3.          यह जल बंधकों से रहित समुद्री सतह के बराबर नहर है। 

4.          इस नहर में प्रतिदिन 100 से अधिक जलयान आवागमन करते हैं। 

 

प्रश्न 20. पनामा नहर की कोई चार विशेषताएँ लिखिए।               
उत्तर:
पनामा नहर पूर्व में अटलांटिक महासागर को पश्चिम में प्रशान्त महासागर से जोड़ती है। इन नहर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

1.          यह नहर 72 किमी. लम्बी है। 

2.          इस नहर में कुल छ: जलबंधक तंत्र हैं। 

3.          इस नहर की सतह ऊबड़-खाबड़ है। 

4.          दक्षिणी अमेरिका की अर्थव्यवस्था में इस नहर की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

 

प्रश्न 21. आन्तरिक जलमार्गों के विकास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।          
उत्तर:
नदियाँ, नहरें तथा झीलें प्राचीन समय से ही आन्तरिक जलमार्ग के प्रमुख माध्यम रहे हैं। आन्तरिक जल मार्गों का विकास नहरों की नौगम्यता, चौड़ाई-गहराई, जल प्रवाह की निरन्तरता तथा प्रयुक्त परिवहन तकनीक पर निर्भर करता है। आन्तरिक जलमार्ग उन स्थानों पर परिवहन का प्रमुख साधन है जहाँ नदी चौड़ी, गहरी तथा गादमुक्त होती है। भारत के अधिकांश भागों में नदी मार्गों से होने वाला आन्तरिक परिवहन अपनी महत्ता अनेक कारणों से खो चुका है। दूसरी ओर विश्व के अनेक देशों ने अपनी प्रमुख नदियों के नदी तल को गहरा कर तथा बाँध निर्मित कर जल प्रवाह को नियंत्रित कर नदियों की नौगम्यता में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।

 

प्रश्न 22. राइन जलमार्ग का संक्षिप्त वर्णन दीजिए।        
उत्तर:
राइन नदी जलमार्ग विश्व का व्यस्ततम नदी जलमार्ग है। यह नदी जर्मनी व नीदरलैंड देशों से होकर प्रवाहित होती है। यह जलमार्ग स्विट्जरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम व नीदरलैंड के औद्योगिक क्षेत्रों को अटलांटिक सागरीय मार्ग से जोड़ता है। यह नदी 700 किमी तक नौकायन योग्य है। राइन नदी की सहायक रूर नदी पूर्व में स्थित सम्पन्न कोयला क्षेत्रों से प्रवाहित होती हुई राइन नदी में मिल जाती है।

 

प्रश्न 23. राइन नदी जलमार्ग विश्व का अत्यधिक प्रयोग में लाया जाने वाला जलमार्ग क्यों है? कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
राइन नदी जलमार्ग के अत्यधिक प्रयुक्त होने के निम्न कारण हैं:

1.          इस जलमार्ग के समीपवर्ती भागों में अत्यधिक सम्पन्न खनन क्षेत्र हैं। 

2.          यह मार्ग स्विट्जरलैण्ड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम व नीदरलैण्ड के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ता है। 

3.          परिवहन योग्य दशा होने के कारण प्रतिवर्ष 20,000 से अधिक समुद्री जलयान इस मार्ग से गुजरते हैं। 

4.          स्विट्जरलैण्ड से रोटरडम तक 700 किमी क्षेत्र परिवहन योग्य है। 


प्रश्न 24. परिवहन के क्षेत्र में वायु परिवहन के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। 
उत्तर:
परिवहन के क्षेत्र में वायु परिवहन का महत्त्व निम्नलिखित कारणों से है: 

1.          वायु परिवहन अन्य परिवहनों की तुलना में यद्यपि महँगा है लेकिन यह सभी परिवहन प्रारूपों में तीव्रतम है। 

2.          तीव्रतम साधन होने के कारण यह लम्बी दूरी की यात्रा के लिए सबसे लोकप्रिय परिवहन साधन है। 

3.          इसके द्वारा मूल्यवान व हल्की वस्तुओं को कम समय में लम्बी दूरियों तक भेजा जा सकता है।

4.          पर्वतीय क्षेत्र, हिम क्षेत्र तथा मरुस्थलीय भागों को वायु परिवहन द्वारा बिना किसी अवरोध के पार किया जाता है तथा ऐसे क्षेत्रों में वायु परिवहन ही परिवहन का एकमात्र विकल्प है।

 

 प्रश्न 25. उपग्रह  संचार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।   
उत्तर:
सन् 1970 के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका तथा पूर्व सोवियत संघ द्वारा अंतरिक्ष 
 विज्ञान के क्षेत्र में की जा रही महत्त्वपूर्ण शोधों ने उपग्रह संचार के क्षेत्र में एक नवीन युग का सूत्रपात किया है। पृथ्वी की कक्षा से सफलतापूर्वक कृत्रिम उपग्रहों का प्रेक्षण किया गया है, इससे ग्लोब के उन दूरस्थ भागों को भी कृत्रिम उपग्रहों के माध्यम से जोड़ दिया गया जहाँ मानवीय पहुँच दुष्कर थी। उपग्रह संचार तकनीक के प्रयोग द्वारा संचार में लगने वाले मूल्य तथा समय को काफी सीमा तक कम कर दिया गया है। इसका आशय यह है कि 500 किमी. की दूरी तक संचार में लगने वाली लागत उपग्रह संचार द्वारा 5000 किमी. की दूरी तक लगने वाली संचार लागत के बराबर है। सेलफोन तथा दूरदर्शन के लिए हम उपग्रह संचार सेवा का ही उपयोग करते हैं।

 

प्रश्न 26. उपग्रह विकास के क्षेत्र में भारत द्वारा उठाए गए कदमों का संक्षेप में विवरण दीजिए।          
उत्तर:
उपग्रह विकास के क्षेत्र में भारत द्वारा महत्त्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। सन् 1979 में आर्यभट्ट व भास्कर-1 का तथा सन् 1980 में रोहिणी उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ। 18 जून, 1981 को एप्पल (एरियन पैसेन्जर पे लोड एक्सपेरीमेंट) का प्रक्षेपण एरियन रॉकेट द्वारा किया गया। भास्कर, चैलेन्जर तथा इन्सेट-1बी नामक उपग्रहों के प्रक्षेपण ने लम्बी दूरी के संचार, दूरदर्शन तथा रेडियो को अत्यधिक प्रभावी बना दिया है। 

 

प्रश्न 27. साइबर स्पेस (इंटरनेट) क्या है?     
उत्तर:
साइबर स्पेस विद्युत द्वारा कम्प्यूटरीकृत स्पेस का संसार है जो कम्प्यूटर पर सूचनाओं के प्रेषण और प्राप्ति की विद्युतीय दुनिया है। जिसमें संदेश व सूचनाएँ भेजने एवं प्राप्त करने वालों को शारीरिक संचलन की आवश्यकता नहीं होती है।

 

प्रश्न 28. परिवहन और संचार में अन्तर स्पष्ट कीजिए।   
उत्तर:
परिवहन और संचार में निम्नलिखित अंतर हैं:

परिवहन

संचार

1.          यात्रियों एवं उपयोगी वस्तुओं को एक स्थान से दूसर स्थान तक

साधनों के माध्यम से भेजने की प्रक्रिया को परिवहन कहते हैं।

1.          संदेशों और विचारों का विभिन्न माध्यमों से

आदान - प्रदान करने की प्रक्रिया संचार कहलाती है।

2.          सड़कें, रेलमार्ग, जलमार्ग, एवं वायुमार्ग एवं पाइप

लाइन परिवहन के प्रारूप हैं।

2.          टेलीफोन, मोबाइल, तार, इंटरनेट, रेडियो,

टेलीविजन आदि संचार के साधन हैं।

 

 

 

लघु उत्तरीय प्रश्न (SA2):

 

प्रश्न 1.  नगरों की सड़कों पर बढ़ती यातायात संकुलता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।     
उत्तर:
तेजी से बढ़ती जनसंख्या तथा सड़क वाहनों की संख्या में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से विश्व के अधिकांश नगरों की सड़कों पर यातायात प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसी भी नगर का सड़क तन्त्र उसके. यातायात की आवश्यकता के अनुरूप यदि विकसित नहीं हो पाता है, तो नगर की सड़कों पर संकुलन बढ़ जाता है। वर्तमान में विश्व के अधिकांश नगर सड़कों पर मिलने वाली यातायात संकुलता की समस्या का सामना कर रहे हैं।               

नगरों में बढ़ती यातायात संकुलता की समस्या को हल करने के लिए निम्नलिखित उपायों पर अमल करना आवश्यक है:

1.          नगरीय क्षेत्रों में उच्चतर पार्किंग शुल्क लगाया जाए। 

2.          सामूहिक शीघ्र संचरण व्यवस्था लागू की जाए। 

3.          सार्वजनिक बस सेवाओं में सुधार कर सड़क यातायात के द्रुतगामी मार्गों का आवश्यकतानुसार निर्माण किया जाए। 

 

प्रश्न 2.  सड़क परिवहन के गुण एवं दोषों का उल्लेख कीजिए।      
अथवा 
सड़क परिवहन की समस्याओं को स्पष्ट कीजिए।               
उत्तर:
सड़क परिवहन के गुण एवं दोष निम्नानुसार हैं          
गुण:

1.          छोटी दूरी हेतु सड़क परिवहन तीव्र एवं सस्ता साधन है। 

2.          यह परिवहन प्रारूप घर-घर सेवा प्रदाता साधन है। 

3.          व्यापार व वाणिज्य को बढ़ाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 

4.          पर्यटन को बढ़ाने में इस प्रारूप का महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है।

दोष:

1.          सड़कों के निर्माण पर पूँजी का अधिक व्यय होता है। 

2.          कच्ची सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। 

3.          सड़कें सभी मौसमों में प्रयोग योग्य नहीं रही। 

4.          सड़कों पर यातायात संकुलता अनेक समस्याओं को उत्पन्न करती है।

 

प्रश्न 3.  उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के महामार्गों के बारे में बताइए।  
उत्तर:
उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में महामार्गों का उच्च घनत्व (0-65 किमी. प्रति वर्ग किमी.) मिलता है। इस महाद्वीप में पश्चिमी प्रशान्त महासागरीय तट पर स्थित नगर पूर्व में अटलांटिक सागर तट पर स्थित नगरों से उत्तम सड़क महामार्गों से जुड़े हैं। इसी प्रकार उत्तर में कनाडा के नगर दक्षिण में विस्तृत मैक्सिको देश के नगरों से भली-भाँति जुड़े हैं। इस महाद्वीप के प्रमुख महामार्ग निम्नलिखित हैं

1.          ट्रांस कनाडियन जलमार्ग: कनाडा का यह महामार्ग पश्चिमी तट पर स्थित बैंकूवर नगर को पूर्वी तट पर स्थित न्यूफाउण्डलैण्ड द्वीप के सेंटजॉन नगर से जोड़ता है।

2.          अलास्का महामार्ग: कनाडा के एडमंटन नगर को अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) के एंकारेज नगर से जोड़ता है।

3.           पान - अमेरिकन महामार्ग: यह निर्माणाधीन महामार्ग है जिसके पूरा होने पर उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका परस्पर सड़क मार्ग से जुड़ जायेंगे।

 

प्रश्न 4.  यूरोप महाद्वीप के रेल तंत्र का संक्षेप में विवरण दीजिए।    
उत्तर:
यूरोप महाद्वीप में रेलमार्गों का जाल संसार के सघनतम रेल तन्त्रों में से एक है। यहाँ लगभग 4,40,000 किमी. लम्बे रेलमार्ग हैं। इन रेलमार्गों में से अधिकतर दोहरे अथवा बहुमार्गी हैं।       
यूरोप के औद्योगिक प्रदेशों में रेलमार्गों का सघनतम जाल पाया जाता है। बेल्जियम में प्रति 6.5 वर्ग किमी. क्षेत्र पर लगभग 1 किमी. लम्बे रेलमार्ग के साथ विश्व का सघनतम रेल जाल है। लंदन, पेरिस, ब्रसेल्स, मिलान, बर्लिन एवं वारसा इस महाद्वीप के प्रमुख रेल केन्द्र हैं। इंग्लैण्ड में स्थित यूरो टनल ग्रुप द्वारा संचालित सुरंग रेल मार्ग लंदन को पेरिस से जोड़ता है। इस प्रकार यूरोप महाद्वीप में रेलतंत्र बहुत अधिक विकसित है। यह रेल तंत्र इस महाद्वीप के देशों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है।

 

प्रश्न 5.  अफ्रीका महाद्वीप के प्रमुख रेल मार्गों का वर्णन कीजिए। 
उत्तर:
अफ्रीका एशिया के पश्चात् विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। लेकिन आकार की विशालता के बावजूद रेलतंत्र के विकास में यह महाद्वीप पिछड़ा हुआ है। यहाँ सिर्फ 40000 किमी. लम्बे रेलमार्ग हैं।
इस महाद्वीप के प्रमुख रेलमार्ग निम्न हैं:

1.          बेंगुएला रेलमार्ग: यह रेलमार्ग अंगोला से कटंगा तथा जांबिया की ताँबे की पेटी से होकर गुजरता है। 

2.          तंजानिया रेलमार्ग: यह रेलमार्ग जांबिया ताँबा पेटी से तट पर स्थित दार-ए-सलाम तक विस्तृत है।

3.          बोत्सवाना रेलमार्ग: यह रेलमार्ग बोत्सवाना और जिंबाब्बे से होते हुए स्थलरुद्ध राज्यों को दक्षिण अफ्रीकी रेलतंत्र से जोड़ता है।

4.           ब्लू ट्रेन रेलमार्ग यह रेलमार्ग दक्षिणी अफ्रीका गणतंत्र में केपटाउन से प्रिटोरिया तक जाता है।

5.          दक्षिण अफ्रीका में सोने, ताँबे एवं हीरों के खनन की गतिविधियों के कारण 18000 किमी. लम्बे रेलमार्ग विकसित हुए हैं। इन क्षेत्रों में रेलमार्गों का सबसे सघन जाल मिलता है।

6.          इसके अतिरिक्त अल्जीरिया, सेनेगल, नाइजीरिया, केन्या एवं इथोपिया में रेलमार्ग पत्तन चारों रेलमार्गों को आन्तरिक केन्द्रों से जोड़ते हैं लेकिन न तो यहाँ रेलमार्गों का अच्छा जाल है और न ही ये रेलमार्ग अन्य देशों के रेलमार्गों से जुड़े हुए हैं।

 

प्रश्न 6.  पार - साइबेरियन रेलमार्ग का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।       
अथवा 
ट्रांस - साइबेरियन रेलमार्ग के बारे में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।          
उत्तर:
पार - साइबेरियन रेलमार्ग विश्व का सबसे अधिक लम्बा रेलमार्ग है। यह रेलमार्ग रूस के पश्चिमी भाग में स्थित सेंट पीसबर्ग से एशियाई रूस के पूर्व में स्थित ब्लाडीवोस्टक तक 9322 किमी. लम्बा है। यह दोहरे पथ से युक्त विद्युतीकृत पार महाद्वीपीय रेलमार्ग एशिया का महत्त्वपूर्ण रेलमार्ग है। इस रेलमार्ग ने एशियाई प्रदेश को पश्चिमी यूरोपीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है। यह रेलमार्ग यूराल पर्वत, ओब व येनीसी नदियों से होकर गुजरता है। इस रेलमार्ग को दक्षिण से जोड़ने वाले योजक मार्ग भी हैं; जैसे-ओडेसा (यूक्रेन), कैस्पियन तट पर बाकू, ताशकंद (उज्बेकिस्तान) उलनबटोर (मंगोलिया) तथा शेनयांग (मक्तदेन) तथा चीन में बीजिंग की ओर। यह रेलमार्ग मास्को, कजान, टयूमिन, नोवोसिबिर्क, चिता व खबरोवस्क आदि शहरों से गुजरता है। इस रेलमार्ग के निर्माण से सम्पूर्ण रूस विशेषकर साइबेरिया के पर्यटन का विकास हुआ है। इस रेलमार्ग का व्यापारिक एवं आर्थिक महत्व बढ़ गया है, फलस्वरूप.इस रेलमार्ग को दोहरा किया गया है। 

 

प्रश्न 7.  पार - कैनेडियन रेलमार्ग का वर्णन कीजिए।    
अथवा 
"पार - कैनेडियन रेलमार्ग को कनाडा की आर्थिक धमनी कहा जाता है।" इस कथन को उपयुक्त उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।   
उत्तर:
पार - कैनेडियन रेलमार्ग कनाडा का एक महत्त्वपूर्ण रेलमार्ग है। इस रेलमार्ग का निर्माण सन् 1886 में पूर्ण हुआ था। यह रेलमार्ग कनाडा के पूर्व में हैलिफैक्स से आरम्भ होकर मांट्रियल, ओटावा, विनिपेग एवं कैलगैरी से होता हुआ पश्चिम में प्रशांत तट पर स्थित वैंकूवर तक विस्तारित है। इस रेलमार्ग की कुल लम्बाई लगभग 7050 किमी. है। यह रेलमार्ग कनाडा की आर्थिक धमनी कहलाता है। क्यूबेक-मांट्रियाल औद्योगिक प्रदेश के प्रेयरी प्रदेश की गेहूँ मेखला एवं उत्तर में शंकुधारी वन प्रदेश को जोड़ने के कारण इस रेलमार्ग का महत्व बढ़ गया है। गेहूँ और माँस इस रेलमार्ग द्वारा सम्पन्न किए जाने वाले प्रमुख निर्यातक पदार्थ हैं। यद्यपि इस रेलमार्ग का निर्माण ब्रिटिश कोलंबिया को कनाडा के अन्य राज्यों के साथ मिलाने के लिए किया गया था लेकिन कालान्तर में इस रेलमार्ग का आर्थिक महत्व बढ़ गया। आज यह रेलमार्ग कनाडा की जीवन रेखा बन गया है।

 

प्रश्न 8.  रेल परिवहन के गुण एवं दोषों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।                
उत्तर:
रेल परिवहन के गुण एवं दोष निम्नानुसार हैं:            
गुण:

1.          दैनिक आवागमन हेतु सर्वाधिक लोकप्रिय परिवहन प्रारूप है। 

2.          यह लंबी दूरी तक स्थूल वस्तुओं को लाने-ले जाने के लिए सर्वाधिक उपयोगी है। 

3.          यह परिवहन प्रारूप खनन क्षेत्रों से संयोजित मिलता है।

दोष:

1.          पथ निर्माण एवं कोच निर्माण में अत्यधिक पूँजी का व्यय होता है। 

2.          इंजनों के संचालन में अत्यधिक खनिज तेल प्रयुक्त होता है। 

3.          जिन देशों में एक पथ प्रारूप मिलता है, वहाँ दुर्घटनाओं में जन-धन की हानि होती है।

 

प्रश्न 9.  जल परिवहन के गुण एवं दोषों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।              
उत्तर:
जल परिवहन के गुण एवं दोषों का विवरण निम्नानुसार है            
गुण:

1.          इस परिवहन प्रारूप में मार्गों का निर्माण नहीं करना पड़ता जिससे पूँजी व्यय नहीं होता।

2.          अन्य परिवहन प्रारूपों की तुलना में शक्ति स्रोतों की खपत भी कम होती है। 

3.          यह सर्वाधिक सस्ता परिवहन प्रारूप है।

दोष:

1.          सागरीय भागों में तूफानों एवं सुनामी के कारण दुर्घटनाओं का भय सदैव व्याप्त रहता है। 

2.          तेल वाहक जलयानों की दुर्घटनाओं से सामुद्रिक जैव-विविधता नष्ट हो जाती है।

3.          जलयान संचालन से सामुद्रिक वनस्पति के नष्ट होने के साथ-साथ सामुद्रिक जीवों की प्रजनन प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

 

प्रश्न 10. वायु परिवहन के दोषों को विवेचित कीजिए। 
उत्तर:
वायु परिवहन के दोष निम्नानुसार हैं:

1.          यह सर्वाधिक महँगा परिवहन प्रारूप है। 

2.          यह परिवहन प्रारूप आम जन हेतु उपलब्ध नहीं हो सकता क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। 

3.          खराब मौसम एवं तकनीकी कमियों के कारण वायुयानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का भय बना रहता है। 

4.          आधुनिक वायु प्रणाली युद्धक प्रक्रियाओं में मानवीय विनाश हेतु प्रमुख भूमिका निभाती है। 

5.          सर्वाधिक मात्रा में ध्वनि प्रदूषण होता है। 

 

प्रश्न 11. पाइप लाइन परिवहन के बारे में आप क्या जानते हैं? संक्षेप में बताइए।             
उत्तर:

·           पाइप लाइन परिवहन: पाइप लाइनों का सर्वप्रमुख उपयोग जल, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस जैसे-तरल व गैसीय पदार्थों के अबाधित परिवहन के लिए किया जाता है।

·           विश्व के अनेक भागों में खाना पकाने की गैस (एल.पी.जी.) की आपूर्ति पाइप लाइनों के माध्यम से की जाती है।

·           पानी के साथ कोयले को मिलाकर निर्मित तरलीकृत कोयले का परिवहन भी पाइप लाइनों के माध्यम से होता है।

·           न्यूजीलैण्ड के फार्मों से डेयरी उद्योगों तक दूध की आपूर्ति पाइप लाइनों के माध्यम से ही की जाती है।

·           संयुक्त राज्य अमेरिका के तेल उत्पादक क्षेत्रों से उपभोग क्षेत्रों के मध्य पाइप लाइनों का सघन जाल मिलता है। इनमें सबसे प्रसिद्ध पाइप लाइन 'बिग इंच' है जो मैक्सिको की खाड़ी के तटीय कुँओं से प्राप्त तेल को उत्तरी-पूर्वी राज्यों तक पहुँचाती है।

·           संयुक्त राज्य अमेरिका में कुल ढोए गये माल का लगभग 17 प्रतिशत भाग पाइप लाइनों द्वारा परिवहित किया जाता है।

·           यूरोप, पश्चिमी एशिया, रूस तथा भारत में पाइप लाइनों का उपयोग तेल के कुओं को तेल शोधनशालाओं तथा आन्तरिक बाजारों से जोड़ने के लिए किया जाता है।

·           मध्य एशिया के देश तुर्कमेनिस्तान से पाइप लाइन को ईरान तथा चीन के कुछ भागों तक बढ़ा दिया गया है।

·           प्रस्तावित ईरान - पाकिस्तान - भारत तेल व गैस पाइप लाइन निर्माण पूरा होने पर यह विश्व की सबसे लम्बी पाइप लाइन होगी। 

 

प्रश्न 12. साइबर स्पेस (इंटरनेट) के लाभों का विवेचन कीजिए।   
अथवा 
साइबर स्पेस की उपयोगिता समझाइए।            
उत्तर:

1.          यह सम्पूर्ण विश्व की सूचनाओं का संकलन स्थल है। 

2.          इसे सर्वाधिक लोगों द्वारा प्रयुक्त किया जाता है। 

3.          यह आधुनिक  संचार की प्रक्रिया है। 

4.          इसके माध्यम से एक ही स्थान पर बैठे हुए होने पर भी विश्व की सभी सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती हैं। 

5.          यह वित्त एवं  शिक्षा के कार्यों को सम्पन्न करने का त्वरित साधन है। 

 

 

 

निबन्धात्मक प्रश्न:

 

प्रश्न 1. महामार्ग क्या होते हैं? विश्व के प्रमुख देशों के प्रमुख महामार्गों का विवरण दीजिए।            
उत्तर:
महामार्ग: दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली ऐसी सड़कों को जिनका निर्माण अबाधित रूप से यातायात के आवागमन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाता है, महामार्ग कहा जाता है। यह सड़क मार्ग अलग-अलग यातायात लेन, पुलों, फ्लाईओवरों और दोहरे वाहन मार्गों से युक्त 80 मीटर तक चौड़े होते हैं। विश्व के प्रमुख देशों के प्रमुख महामार्ग उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के महामार्ग-इस महाद्वीप में महामार्गों का उच्च घनत्व (0-65 किमी. प्रति वर्ग किमी.) मिलता है। इस महाद्वीप के पश्चिमी प्रशान्त महासागरीय तट पर स्थित नगर पूर्व में अटलांटिक सागर तट पर स्थित नगरों से उत्तम सड़क महामार्गों से जुड़े हैं। इसी प्रकार उत्तर में कनाडा के नगर दक्षिण में विस्तृत मेक्सिको देश के नगरों से भली-भाँति जुड़े हैं। इस महाद्वीप के प्रमुख महामार्ग निम्नलिखित हैं:  

(i)         ट्रांस - कनाडियन महामार्ग: कनाडा का यह महामार्ग पश्चिमी तट पर स्थित वैंकूवर नगर को पूर्वी तट पर स्थित न्यूफाउण्डलैण्ड द्वीप के सेंटजॉन नगर से जोड़ता है।        

 

(ii)        अलास्का महामार्ग: कनाडा के एडमंटन नगर को अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) के एंकारेज नगर से जोड़ता है।             

 

(iii)       पान - अमेरिकन महामार्ग: यह निर्माणाधीन महामार्ग है, जिसके पूरा होने पर उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका के देश परस्पर सड़क मार्ग से जुड़ जायेंगे।            

यूरोप महाद्वीप में महामार्गों का सुविकसित जाल मिलता है। यूराल के पश्चिम में स्थित यूरोपियन रूस में महामार्गों का सघन जाल मिलता है तथा इन महामार्गों का प्रमुख केन्द्र मास्को है। मास्को-ब्लाडीवोस्टक महामार्ग यूरोपियन रूस को साइबेरिया के पूर्वी प्रदेश से जोड़ता है। अफ्रीका उत्तरी अफ्रीका में अल्जियर्स (अल्जीरिया) से क्रोनाकी (गुयाना) महामार्ग तथा दक्षिणी अफ्रीका में कैरो-केपटाउन महामार्ग प्रमुख महामार्ग है। चीन चीन में महामार्ग प्रमुख नगरों को जोड़ते हुए देश में क्रिस - क्रॉस करते हैं। शांसो (वियतनाम सीमा के निकट), शंघाई (मध्य चीन), ग्वांगजाओ (दक्षिण), बीजिंग (उत्तर) महामार्ग तथा तिब्बत क्षेत्र में चेगडू से ल्हासा महामार्ग इस देश के महत्त्वपूर्ण महामार्ग हैं। 

 

भारत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या: 7 वाराणसी को कन्याकुमारी से जोड़ता है तथा भारत का यह सबसे लम्बा राजमार्ग है। निर्माणाधीन स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अन्तर्गत नई दिल्ली, मुम्बई, बैंगलोर, चेन्नई, कोलकाता तथा हैदराबाद महानगरों को जोड़ा जा रहा है।              

(i) स्वर्णिम चतुर्भज परियोजना: यह परियोजना देश के चार विशाल महानगरों दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता को 4/6 लेन वाले महामार्ग से जोड़ती है। 5846 किमी. लम्बाई की इस परियोजना के पूरा होने से उक्त महानगरों के मध्य समय-दूरी तथा परिवहन लागत में कमी आई है।

 

(ii) उत्तर - दक्षिण तथा पूर्व: पश्चिम गलियारा:  इस परियोजना द्वारा उत्तर में श्रीनगर से दक्षिण में कन्याकुमारी तक 4016 किमी. लम्बा महामार्ग निर्मित किया गया है। जबकि पूर्व-पश्चिम गलियारे के अन्तर्गत असम राज्य के सिलचर नगर से गुजरात के पोरबन्दर तक 3640 किमी. लम्बा महामार्ग निर्मित किया गया है।

 

विश्व में महाद्वीपीय स्तर पर रेल तन्त्र यूरोप: 

·           विश्व का सर्वाधिक सघनतम रेलतन्त्र यूरोप महाद्वीप में मिलता है।

·           इस महाद्वीप में रेलमार्गों की कुल लम्बाई 4-4 लाख किमी. है। इनमें से अधिकांश रेलमार्ग विद्युतीकृत होने के साथ-साथ दोहरे हैं।

·           लन्दन, पेरिस, ब्रसेल्स, मिलान, बर्लिन तथा वारसा यूरोप के महत्त्वपूर्ण रेल जंक्शन हैं।

·           इंग्लैण्ड में यूरो टनल ग्रुप द्वारा संचालित सुरंग मार्ग जो रेलमार्ग द्वारा लन्दन को पेरिस नगर से जोड़ता है।

·           यूरोपियन रूस में रेलमार्गों का सघन जाल मिलता है। मास्को इस क्षेत्र का महत्त्वपूर्ण रेल मुख्यालय है। 
 

·           उत्तरी अमेरिका इस महाद्वीप में सर्वाधिक विस्तृत रेलमार्ग तन्त्र मिलता है जो विश्व के कुल रेलमार्गों की लम्बाई का लगभग 40 प्रतिशत है।

·           इस महाद्वीप का सर्वाधिक सघन रेल तन्त्र पूर्वी-मध्य संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इससे संलग्न कनाडा के नगरीय तथा औद्योगिक क्षेत्रों में मिलता है। कनाडा में रेलमार्ग विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में भी वितरित मिलते हैं।

·           आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैण्ड आस्ट्रेलिया महाद्वीप में रेलमार्गों की कुल लम्बाई 40 हजार किमी. है, जिसका लगभग एक-चौथाई भाग अकेले न्यू साउथवेल्स प्रान्त में मिलता है। पर्थ से सिडनी रेलमार्ग पूर्वी तथा पश्चिमी आस्ट्रेलिया को जोड़ता है। न्यूजीलैण्ड के अधिकांश रेलमार्ग उत्तरी द्वीप में मिलते हैं। 

दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप में रेलमार्गों की सघनता निम्नलिखित दो क्षेत्रों में मिलती है:

1.          अर्जेन्टाइना का पंपास क्षेत्र 

2.          ब्राजील का कॉफी उत्पादक क्षेत्र।


उक्त दोनों क्षेत्रों में दक्षिणी अमेरिका के लगभग 40 प्रतिशत रेलमार्ग मिलते हैं जबकि चिली रेलमार्गों की लम्बाई की दृष्टि से एक अन्य प्रमुख देश है। चिली के रेलमार्ग प्रमुख रूप से तटीय क्षेत्रों को आन्तरिक क्षेत्रों में स्थित खनन क्षेत्रों से जोड़ते हैं। इस महाद्वीप का एकमात्र पार महाद्वीपीय रेलमार्ग ब्यूनस आयर्स (अर्जेन्टाइना) को वालपैराइजो (चिली) से जोड़ता है। एशिया जापान, चीन तथा भारत के सघन बसे क्षेत्रों में रेलमार्गों का सधनतम घनत्व मिलता है। दूसरी ओर विरल बसे भू-भागों तथा मरुस्थलीय क्षेत्रों में रेल सुविधाओं का न्यूनतम विकास देखने को मिलता है। अफ्रीका महाद्वीप में रेलमार्गों की कुल लम्बाई 40 हजार किमी. है, जिसमें से 18 हजार किमी. लम्बाई के रेलमार्ग अकेले दक्षिणी अफ्रीका संघ में हैं।

 

अफ्रीका में निम्नलिखित तीन रेलमार्ग सर्वप्रमुख हैं:

1.          बेंगुएला रेलमार्ग: अंगोला से कटंगा-जांबिया ताम्र पेटी तक। 

2.          तंजानिया रेलमार्ग: जांबिया ताम्र पेटी से दार-ए-सलाम (तंजानिया) तक। 

3.          बोत्सवाना - जिम्बाबे: दक्षिणी अफ्रीका संघ रेल तन्त्र। 

4.           केपटाउन से प्रोटोरिया तक ब्लू ट्रेन (दक्षिणी अफ्रीका संघ)।

 

प्रश्न 3.  विश्व के प्रमुख पार - महाद्वीपीय रेलमार्गों का सचित्र विवरण दीजिए।              
उत्तर:
विश्व के प्रमुख पार - महाद्वीपीय रेलमार्ग - विश्व के प्रमुख पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग निम्नलिखित हैं:

1.          पार - साइबेरियन रेलमार्ग।

2.          पार - कैनेडियन रेलमार्ग। 

3.          संघ और प्रशान्त रेलमार्ग।

4.          ऑस्ट्रेलियाई पार - महाद्वीपीय रेलमार्ग। 

5.          ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग।

 

(i) पार - साइबेरियन रेलमार्ग: रूस का यह रेलमार्ग विश्व का सबसे लम्बा (9322 किमी.) दोहरा विद्युतीकृत रेलमार्ग है जो पश्चिम में सेंट पीसबर्ग से पूर्व में प्रशान्त महासागरीय तट पर स्थित ब्लाडीवोस्टक तक (मॉस्को, कजान, ट्यूमिन, नोबोसिविर्क व खबरोवस्क होता हुआ) जाता है। यह रेलमार्ग एशियाई क्षेत्रों को पश्चिमी-यूरोपियन बाजारों से जोड़ता है। इस रेलमार्ग में दक्षिण से जोड़ने वाले योजक रेलमार्ग भी हैं। जैसे-ओडेसा (यूक्रेन), बाकू तथा ताशकन्द (उज्बेकिस्तान), उलन बटोर (मंगोलिया) तथा रोनयांग (मुकदेन) चीन में बीजिंग की ओर। 

 

(ii) पार - कैनेडियन रेलमार्ग यूपोर्ट सागर HD बफीन ग्रीनलैंड इस रेलमार्ग का निर्माण सन् 1886 में किया गया। कनाडा देश का यह रेलमार्ग 7050 किमी. लम्बा है तथा पूर्व में है लिफैक्स से प्रारम्भ होकर मांट्रियल, ओटावा, विनिपेग तथा लेब्राडोर कैलगैरी होता हुआ, पश्चिम में प्रशान्त तट पर स्थित वैंकूवर तक जाता है। खाड़ी इस रेलमार्ग द्वारा एक रेलमार्ग क्यूबेक-मांट्रियल औद्योगिक प्रदेश से प्रेयरी प्रदेश की गेहूँ पेटी तक तथा एक अन्य रेलमार्ग उत्तर में शंकु वन संयुक्त राज्य अमेरिका प्रदेश तक जाता है। 



(iii) संघ और प्रशान्त रेलमार्ग: संयुक्त राज्य अमेरिका में अटलांटिक तट पर स्थित न्यूयार्क से प्रशान्त तट पर स्थित सान फ्रांसिस्को तक जाने वाला यह पार महाद्वीपीय रेलमार्ग देश का सबसे महत्त्वपूर्ण रेलमार्ग है। इस रेलमार्ग द्वारा मूल्यवान वस्तुओं, अयस्कों, अनाज, कागज, मशीनरी तथा रसायन का परिवहन किया जाता है। 

 

(iv)                आस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग: आस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर स्थित पर्थ से कलगुर्ली व पोर्ट ऑगस्ता होता हुआ यह रेलमार्ग पूर्वी तट पर स्थित सिडनी नगर तक जाता है।        
इस पारद्वीपीय रेलमार्ग का विस्तार सिडनी से दक्षिणी तट पर स्थित आ ट्रे लि या मेलबॉर्न तक कर दिया गया है।

 

 

 

 

(v)                 ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्गयह रेलमार्ग यूरोप में पेरिस से स्ट्रैस्बर्ग, म्यूनिख, वियना, बुडापेस्ट तथा बेलग्रेड होता हुआ एशिया के तुर्की देश के महत्त्वपूर्ण नगर इस्तांबूल तक जाता है। इस रेलमार्ग द्वारा प्रमुख रूप से पनीर, सूअर का मांस, जई, शराब, फल व मशीनरी का परिवहन किया जाता है।             

 

 

 

 

प्रश्न 4.  विश्व में सड़क एवं रेल परिवहन की तुलना कीजिए।         
उत्तर:
विश्व में सड़क एवं रेल परिवहन की तुलना निम्नलिखित है:               

सड़क परिवहन: स्थलीय परिवहन के साधनों में से सड़क मार्ग सबसे अधिक उपयोग में लिए जाने वाला साधन है। सड़कें छोटी दूरी के लिए तीव्र गति के परिवहन की सुविधा प्रदान करती हैं। खेत तथा खलिहानों से कारखानों तक एवं कारखानों से निर्मित माल बाजारों व उपभोक्ता के द्वार तक सड़कों द्वारा ही पहुँचाया जा सकता है। 

 

सड़कों के प्रकार - सड़कें दो प्रकार की होती हैं:          
(i) कच्ची सड़कें              
(ii) पक्की सड़कें

 कच्ची सड़कें बनाने में आसान होती हैं परन्तु ये सभी ऋतुओं में प्रभावी एवं प्रयोग के योग्य नहीं होती। पक्की सड़कें बनाना अधिक कठिन होता है लेकिन ये सड़कें प्रत्येक ऋतु में उपयोगी होती हैं।

 

सड़कों का विश्व वितरण: विश्व में सड़कों का वितरण बड़ा ही असमान है। विश्व में कुल मोटर  वाहन चलाने योग्य सड़कों की लम्बाई मात्र 150 लाख किमी. है। इसका लगभग 33 प्रतिशत भाग अकेले उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में पाया जाता है। महामार्ग दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें होती हैं। इनका निर्माण इस प्रकार से किया जाता है कि निर्बाध रूप से यातायात का आवागमन हो सके। विकसित देशों में प्रत्येक नगर व पत्तन नगर महामार्गों से जुड़े हुए हैं। 

 

विश्व के प्रमुख देशों के प्रमुख महामार्ग:     
उत्तरी अमेरिका: इस महाद्वीप में महामार्गों का उच्च घनत्व (0 - 65 किमी. प्रति वर्ग किमी.) मिलता है। इस महाद्वीप के पश्चिमी प्रशान्त महासागरीय तट पर स्थित नगर पूर्व में अटलांटिक सागर तट पर स्थित नगरों से उत्तम सड़क महामार्गों से जुड़े हैं। इसी प्रकार उत्तर में कनाडा के नगर दक्षिण में विस्तृत मेक्सिको देश के नगरों से भली-भाँति जुड़े हैं। इस महाद्वीप के प्रमुख महामार्ग निम्नलिखित हैं

1.          ट्रांस - कनाडियन महामार्ग: कनाडा का यह महामार्ग पश्चिमी तट पर स्थित वैंकूवर नगर को पूर्वी तट पर स्थित न्यूफाउण्डलैण्ड द्वीप के सेंटजॉन नगर से जोड़ता है।

2.          अलास्का महामार्ग: कनाडा के एडमंटन नगर को अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) के एंकॉरेज नगर से जोड़ता है।

3.          पान अमेरिकन महामार्ग: यह निर्माणाधीन महामार्ग है जिसके पूरा होने पर उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका के देश परस्पर सड़क मार्ग से जुड़ जाएँगे।

 

यूरोप: यूरोप महाद्वीप में महामार्गों का सुविकसित जाल मिलता है। यूराल के पश्चिम में स्थित यूरोपियन रूस में महामार्गों का सघन जाल मिलता है तथा इन महामार्गों का प्रमुख केन्द्र मास्को है। 

 

मास्को: ब्लाडीवोस्टक महामार्ग यूरोपियन रूस को साइबेरिया के पूर्वी प्रदेश से जोड़ता है।' अफ्रीका उत्तरी अफ्रीका में अल्जियर्स नगर (अल्जीरिया) से क्रोनाकी (गुयाना) महामार्ग तथा दक्षिणी अफ्रीका में कैरो-केपटाउन महामार्ग प्रमुख महामार्ग हैं।

 

चीन: चीन में महामार्ग प्रमुख नगरों को जोड़ते हुए देश में क्रिस-क्रास करते हैं। शांसो (वियतनाम सीमा के निकट), शंघाई (मध्य चीन), ग्वांगजाओ (दक्षिण), बीजिंग (उत्तर) महामार्ग तथा तिब्बत क्षेत्र में चेगडू से ल्हासा महामार्ग इस देश के महत्त्वपूर्ण महामार्ग हैं। 

 

भारत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या: 7 वाराणसी को कन्याकुमारी से जोड़ता है तथा भारत का यह सबसे लम्बा राजमार्ग है। निर्माणाधीन स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अन्तर्गत नई दिल्ली, मुम्बई, बैंगलोर, चेन्नई, कोलकाता तथा हैदराबाद महानगरों को जोड़ा जा रहा है। रेल परिवहन सड़कों की तुलना में रेलमार्ग भारी मात्रा में सामग्री को अधिक दूरी तक ले जाने के लिए परिवहन का अपेक्षाकृत सस्ता और सुविधाजनक माध्यम है। रेल परिवहन का विकास सड़क परिवहन के बहुत बाद में हुआ है। विश्व की प्रथम सार्वजनिक रेल सन् 1825 में उत्तरी इंग्लैंड के स्टॉकटन एवं डार्लिंगटन के मध्य चलाई गई थी।

 

19वीं शताब्दी में रेल, यात्रियों और माल परिवहन का सबसे लोकप्रिय एवं तीव्रतम साधन बन गयी थी। रेल लाइनों की चौड़ाई (गेज) प्रत्येक देश में अलग-अलग पायी जाती है। जिन्हें सामान्यतया बड़ी (1.5 मी. से अधिक), मानक (1-44 मीटर), मीटर लाइन (1 मी.) एवं छोटी लाइन (1 मी. से कम) में वर्गीकृत किया जाता है। विश्व में रेलमार्गों का वितरण-विश्व के प्रमुख देशों के रेलमार्गों के घनत्व में विभिन्नता देखने को मिलती है। संयुक्त राज्य अमेरिका (278.3 किमी.), रूस (160.8 किमी.) तथा भारत (144.7 किमी.) विश्व में रेलमार्गों का सर्वाधिक घनत्व रखने वाले देश हैं। इसके अतिरिक्त बेल्जियम (यूरोप) में रेलमार्गों का घनत्व 650 किमी. प्रति 100 वर्ग किमी. है जो विश्व में सर्वाधिक है।

 


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